हिन्दू युवको को सबसे बड़ा सवाल से गुजरना पड़ता हैं, हर दूसरे धर्म के लोग ये सवाल कर देतें हैं हिन्दू युवको से की तुम्हारे भगवान कितने हैं?
सत्य तो ये ही हैं की भगवान सिर्फ एक ही हैं।
निरंकार हैं, ना कोई रंग, ना कोई आकार। वो हर जगह हैं, हर किसी में हैं।
भगवान मनुष्य के सामने या मनुष्य के बीच में इंसान के रूप में आते हैं। वो तो भगवान हैं कोई भी रूप ले सकते हैं। उन्होंने अपने आप को तीन रूप में बाट लिया। ब्रम्हा, विष्णु और महेश। उनके अद्भुत शक्तियां हैं जिससे उन्होंने आदिशक्ति का रूप लिया। लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती हैं जो।
धरती पे जब जिस तरीके से जरूरत पड़ती गई भगवान उसी रूप में आते गये।
कभी मछली के रूप तो कभी कछुये के रूप में तो कभी दलदल से धरती माँ को निकालने के लिये सूअर का भी रूप लिया भगवान ने।
हनुमान जी, बलराम जी, दुर्गा जी इत्यादि वो सब उस एक ही भगवान का माया हैं।

